
दुर्ग : जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने वर्ष 2026 की शुरुआत से ही कड़ा रुख अपनाया है। हेलमेट, सीट बेल्ट और शराब पीकर वाहन चलाने जैसे गंभीर उल्लंघनों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जहां एक ओर चालानी कार्रवाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, वहीं सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
दो महीनों में 8,988 चालान
यातायात पुलिस के अनुसार जनवरी 2026 में 3,734 तथा फरवरी 2026 में 5,254 प्रकरणों में मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई। इस तरह वर्ष 2026 के पहले दो महीनों में कुल 8,988 मामलों में नियम तोड़ने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की गई।

इसके विपरीत, वर्ष 2025 में जनवरी में 1,586 और फरवरी में 1,106 प्रकरण दर्ज किए गए थे। तुलना से स्पष्ट है कि इस वर्ष प्रवर्तन में काफी सख्ती बरती जा रही है।
दुर्घटना मृत्यु दर में कमी
सख्त अभियान का असर दुर्घटना के आंकड़ों में भी देखने को मिला है। वर्ष 2026 में जनवरी में 35 और फरवरी में 15, कुल 50 मौतें दर्ज की गईं। जबकि वर्ष 2025 में इसी अवधि में 77 लोगों की जान गई थी। इस प्रकार दुर्घटना मृत्यु में स्पष्ट कमी दर्ज की गई है।
चिन्हित स्थलों पर दिन-रात चेकिंग
जिले के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील मार्गों को चिन्हित कर दिन एवं रात्रि दोनों समय सघन चेकिंग की जा रही है। हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता के साथ-साथ ड्रिंक एंड ड्राइव के मामलों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस बल की सक्रिय भूमिका
अभियान के सफल संचालन में यातायात पुलिस दुर्ग के निरीक्षक, उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक लगातार प्रवर्तन और जागरूकता गतिविधियों में जुटे हुए हैं। रात्रि गश्त और आकस्मिक जांच से नियम उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।
नागरिकों से अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। शराब सेवन कर वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।














